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1100+ BIOLOGY QUESTIOS IN HINDI

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1100+ BIOLOGY QUESTIOS IN HINDI

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Most Important Question Biology Hindi Notes

  1. वर्गीकरण की सबसे छोटी इकाई जाति (species) है I
  2. कवक की कोशिका भिति काइटीन की बनी होती है I
  3. कैरोलस लीनियस को वर्गिकी का पिता कहा जाता है I
  4. जीवाणु तथा नीलरहित शैवाल मोनेरा जगत के संबंधित है I
  5. प्रोटिस्टा जगत के अंतर्गत एककोशकीय जीव आते है I
  6. ऐनिमेलिया जगत के अंतर्गत बहुकोशकीय तथा यूकैरियोटिक जंतु आते हैं I
  7. लीनियस ने जीवों के नामकरण की द्विनाम पद्धति विकसित की थी I
  8. अरस्तु को जीव विज्ञान का पिता (father of Biology) कहते हैं I
  9. ब्रायोफाइटा को “पादप वर्ग का उभयचर “कहते हैं I
  10. पौधों में अर्द्धसूत्री विभाजन के लिये परागकोश सबसे उपयुक्त भाग होता हैं I
  11. जीवाणुभोजी ,जीवाणु को संक्रमित करने वाला विषाणु हैं I
  12. आलू एक कंद है I
  13. स्टार्च एक पॉलीसैकेराइड है I
  14. हरित पादप प्रथम पोषक स्तर के अंतर्गत आते है I
  15. ”अल्फाल्फा ” एक प्रकार की घास है I
  16. एम्बिलका ओफिसिनौलिस ,अफीम का वास्तविक नाम है I
  17. जिम्नोस्पर्म वर्ग के पौधे नग्नबीजी होते हैं ,अर्थात इनके बीज फलों के अंदर नई होते I
  18. थैलोफाइटा वर्ग के पौधे मुख्यतः जलीय पादप होते हैं I
  19. टेरिडोफाइटा वर्ग के पौधे का शरीर जड़, तना तथा पती में विभाजित होता हैं I
  20. आर्थोपोडा संघ जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है I
  21. पोरीफेरा संघ के जीवो को सामान्यतः स्पंज के नाम से जाना जाता है I
  22. सीलेंटरेटा संघ के जंतु जलीय होते हैं जिनका शरीर दो कोशिकाओं की दो परतों का बना होता है I
  23. मोल्सका वर्ग के जीवधारी द्वीपार्श्वसममित होते हैं I
  24. इकाइनोडर्मेटा जंतुओं में विशिष्ट जल संवहन नालतंत्र पाया जाता है l
  25. बट्रीब्रेटा (कशेरुकी ) सर्वाधिक विकसित जंतुओं का वर्ग है l
  26. द्विनाम पद्धति का जन्मदाता कैरोलस लीनियस है l
  27. साइनोबैक्टीरिया को प्रथम प्रकाश – संश्लेषी जीव मन जाता है l
  28. वाइरस न्यूकिलयो प्रोटीन से बने होते हैं l
  29. डब्ल्यू० एम्० स्टैनले को वाइरस के क्रिस्टल के रूप में सबसे पहले पृथक करने का श्रेय प्राप्त है l
  30. जंतु जिनमें परस्पर जनन होता है , जाती स्तर पर सब समान होता हैं l
  31. चपटे कृमि , सिलेट्रेटा, पोरिफेरा एवं प्रोटोजोआ वर्ग के जंतुओं में देहगुहा नहीं पाई जाती है l
  32. वास्तविक देहगुहा का निर्माण भ्रूणीय परिवर्धन के मिसोडर्म अवस्था से होता है l
  33. काइटिन युक्त बाह्य कंकाल कीटों में पाया जाता है l
  34. “सिस्टेमा नेचूरी” नमक पुस्तक के लेखक “कैरोलस लीनियस ” है l
  35. हाइड्रा में बिना मस्तिष्क का तंत्रिका तंत्र होता है l
  36. क्षारीय मृदा में हेलोफाइट्स वर्ग के पौधे अच्छी वृद्धि करते है l
  37. सर्वप्रथम जे० सी० बोस ने बताया की पेड़ पौधों में जीवन है l
  38. चमगादड़ उड़ने वाला स्तनपायी है l
  39. व्हेल सबसे बड़ा स्तनपायी है l
  40. दलहन में नाइट्रोजन स्थिरीकरण की क्षमता होता है l
  41. उत्सर्जी तंत्र का गुण पादपों में नहीं पाया जाता है l
  42. थैलोफाइटा को ” पादप वर्ग का उभयचर ” भी कहा जाता है ल
  43. हाइड्रा में रुधिर नहीं होता, फिर भी वह श्वसन करता है l
  44. आर्थोपोडा में काइटिन युक्त उपचर्म का बना बाह्य कंकाल पाया जाता है l
  45. झींगा मछली , क्रेफिश तथा सिल्वर फिश आर्थोपोडा संघ के जीव हैं l
  46. ऑक्टोपस मोलस्का संघ के जंतु हैं l
  47. मोलस्का संघ के कुछ जंतुओं में नीले या हरे रंग का रुधिर हिमोसायनिन के कारण होता है l
  48. उत्क्रम अनुलेखन की क्रिया DNA से DNA का निर्माण है l
  49. DNA द्विगुणन का सही विधि विधि अधिपरिमित है I
  50. प्रोकैरियोट्स तथा यूकैरियोट्स का मुख्य अंतर केंद्रक कला की अनुपस्थिति है I
  51. वाटसन तथा क्रिकने B-DNA मोडल दिया है I
  52. राइबोसोम्स प्रोटीन तथा टी.आर.एन.ए. के बने होते है I
  53. राइबोसोम कलाविहीन कोशिकांग है I
  54. प्रोटीन संश्लेषण में अंतः द्रव्यी जालिका और राइबोसोम कोशिकांगो की भूमिका महत्वपूर्ण है I
  55. डी.एन.ए. पॉलिमरेज़ एंजाइम न्यूक्लिओटाइड्स से DNA संश्लेषण में काम आता है I
  56. केंद्रक (Nucleus) के अतिरिक्त माइटोकाण्ड्रिया (Chloroplast) तथा हरित लवक में DNA पाया जाता है I
  57. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में श्वसन (Respiration) का कार्य मीसोसोम (Mesosome) करते है जबकि यूकैरियोटिक कोशिका में श्वसन का कार्य माइटोकाण्ड्रिया करते है  I
  58. कोशिका भिति (Cell wall) पौधों में उपस्थित होती है जबकि जंतुओं में अनुपस्थित होती है  I
  59. कोशिका झिल्ली (Cell membrance) एक अर्द्धपारगंब झिल्ली(semi permeable membrance) होती है I यह कुछ विशिष्ट अणुओं को ही अपने आर -पार जाने या आने देती है I
  60. प्रोटीन का निर्माण या प्रोटीन का संश्लेषण (protein synthesis)राइबोसोम की सहायता से होता है I
  61. माईटोकॉंण्ड्रिया को कोशिका का पावर हाउस (powerhouse of the cell) भी कहा जाता है क्योंकि इसमें श्वसन क्रिया के दौरान भोजन के विखंडन से ऊर्जा उत्पन होती है जो ATP( Adoenosine triphospate) के रूप में सँचित रहती है I
  62. गॉल्जीकाय (Golgi body) का मुख्य कार्य कोशिका (cell) द्वारा संश्लेषित प्रोटीन,वसा आदि की पैकेजिंग करना है I
  63. गॉल्जीकाय को कोशिका के अणुओं के traffic controller भी कहा जाता है I
  64. लाइसोसोम (lysosome) को आत्महत्या की थैली कहा जाता है I
  65. हरित लवक (Chloroplast) को कोशिका का रसोईघर(Kitchen of the सेल) भी कहा जाता है क्योंकि इसमें प्रकाश संश्लेषण की क्रिया द्वारा भोजन का निर्माण होता है I
  66. जीवाणु (Bacteria) तथा नील हरित शैवालों (Blue green algae) की कोशिकाएं प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं होती है I
  67. अर्धसूत्री विभाजन के प्रोफेज 1 की पैकीटीन (pachytene) अवस्था में क्रॉसिंग ओवर (Crossing over) की प्रक्रिया होती है I इस प्रक्रिया में माता तथा पिता दोनों की ओर से आए समजात गुणसूत्र (Homologous chromosome) के क्रोमैटिड एक -दूसरे को, एक या ज्यादा स्थान पर क्रॉस करते हैं इसके दौरान क्रॉस के स्थानों पर एक क्रोमैटिड का टुटा भाग, दूसरे क्रोमैटिड के टूटे स्थान से जुड़ जाता है  I यही प्रक्रिया क्रासिंग ओवर (Crossing over) कहलाती है  I इसके द्वारा जीनों में पुनरसंयोजन होता है और संतान में नए गुण उत्पन्न होते है I
  68. समसूत्री विभाजन में संतति कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या पैतृक कोशिओका के समान रहती है I
  69. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) में संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या पैतृक कोशिका से आधी रह जाती है I
  70. अनियंत्रित समसूत्री विभाजन(Uncontrolled mitosis) से कैंसर हो जाता है I
  71. समसूत्री विभाजन वृद्धि,मरम्मत आदि के लिये आवश्यक होता है I
  72. RNA में थायमीन (T) के स्थान पर यूरेसिल (U) नामक पिरिमिडीन क्षार पाया जाता है I
  73. बुढ़ापे के लिये Ageing gene जिम्मेदार होता है I
  74. कुछ जीवाणुओं जैसे राइजोबियम के अंदर Nif gene होता है जिसकी सहायता से ये जीवाणु नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen fixation) करने में सक्षम होते है I
  75. लम्बी हड्डियों के सिरे पर लचीली संधायी गद्दियां उपास्थि की बनी होती है I
  76. रेखित एवं ऐच्छिक पेशियाँ पादों में पाई जाती है I
  77. तंत्रिका कोशिकायें एक्टोडर्म की भ्रूणीय स्तर से बनती है I
  78. मास्ट कोशिकायें सीरोटोनिन,हिपैटिन तथा हिस्टेमीन का स्त्रावण करती है I
  79. तंत्रिका ऊतक, उतेजनशीलता का कार्य करती है I
  80. स्तनियों में कुरफर कोशिकायें यकृत में पाई जाती है I
  81. शरीर म उतको का निर्माण प्रोटीन से होता है I
  82. तंत्रिका तंतु संयोजी ऊतक के घटक नहीं होते है I
  83. रेखित पेशी में मायोसिन एवं ऐक्टिन प्रमुख प्रोटीन होते है I
  84. माइटोकॉंण्ड्रिया की उपस्थिति में शरीर में कुछ ऊतक, जैसे कि पेशियाँ, अन्य ऊतकों से अधिक सक्रिय होते है I
  85. रुधिर भी एक प्रकार का ऊतक है I
  86. ऊतक शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम विशैट( Bichat) ने किया था I
  87. रुधिर एवं कोशिकाओं के बीच रासायनिक आदान-प्रदान ऊतक द्रव के माध्यम से होता है I
  88. ठोस अन्तरांगों जैसे- जिह्वा, किडनी, यकृत, तिल्ली आदि पर इपीथिलियम ऊतक का रक्षात्मक आवरण होता है I
  89. त्वचा पर चोट लगने के बाद इसका पुनरुदभवन धनाकार उपकला के द्वारा होता है I
  90. एंडोथीलियम शल्की कोशिकाओं की बनी होती है I
  91. मास्ट कोशिकाएँ संयोजी ऊतक में मिलती है I
  92. स्नायु एवं कंडराएँ संयोजी ऊतक है I
  93. कंकाल मीसोडर्मी होता है I
  94. त्वचा को ”Jack of All Trades” भी कहते है I
  95. काली त्वचा पर सूर्य कि पराबैँगनी किरणों का कम प्रभाव पड़ता है I
  96. मस्तिष्क,मेरुरज्जु और तंत्रिकाएँ सभी तंत्रिका ऊतकों कि बनी होती है I
  97. ह्रदय पेशियाँ केवल हृदय भिति (Heart wall) में पाई जाती है I
  98. ह्रदय पेशी में अत्यधिक मात्रा में माईटोकॉंण्ड्रिया पाया जाता है I
  99. ह्रदय की पेशियों के संकुचन का नियंत्रण, तंत्रिका का तंत्र के नियंत्रण में न होकर स्वयं पेशियों के नियंत्रण में होता है I
  100. पेशियों में लैक्टिक अम्ल की अधिक मात्रा में जमा होने से थकावट का अनुभव होता है  I
  101. पेशियाँ मानव शरीर का औसतन 40% से 50% भाग बनाती है I
  102. पेशी तंतु के आवरण को सार्कोलेमा एवं इसमें पाए जाने वाले द्रव को सार्कोप्लाज्मा कहा जाता है I
  103. कंडरा पेशी को हड्डी से जोड़ती है I
  104. औतिकी(Histology) ऊतकों के अध्यन को कहते है I
  105. अंतर्वर्तीय उपकला ऊतक मूत्राशय तथा मूत्रवाहिनियों के भीतरी दीवार का निर्माण करते है I
  106. शरीर की विभिन्न क्रियाओं का नियंत्रण तथा नियमन तंत्रिका तंत्र (Nervous system) द्वारा द्रुत गति से होता है I
  107. Iमनुष्य की आँख म किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब दृष्टिपटल (रेटिना) में बनता है I
  108. मनुष्य के आहार नाल में दो अवशोषी अंग सीकम एवं वर्मीफार्म एपेंडिक्स है I
  109. कार्बन मोनो-ऑक्ससाइड विषाक्तता रक्त की ऑक्सीजन के वहां क्षमता को प्रभावित करती है I
  110. मुखगुहा का एंजाइम टायलिन (एमाइलेज) स्ट्रेच को माल्टोज में बदलता है I
  111. डायलिसिस, किडनी से संबंधित है I
  112. अग्न्याशय अंतः तथा बहिःस्रावी ग्रंथि है I
  113. वसा का पाचन आमाशय से प्रारंभ होता है I
  114. कार्बोहाइड्रेट्स का पाचन मुखगुहा से प्रारंभ हो जाता है I
  115. अमाशय में कार्बोहाइड्रेट्स का पाचन नहीं होता है I
  116. नेत्रदान म कार्निया प्रयुक्त होता है I
  117. गृहणी तथा छोटी आँत में क्षारीय माध्यम में कार्बोहाइड्रेट्स का पाचन होता है l
  118. प्रोटीन का पाचन आमाशय से होता है l
  119. पेप्सिन एक एंजाइम है l
  120. हिपेटिन नमक प्रोटीन का निर्माण यकृत में होता है l
  121. विटामिन A तथा D यकृत में संचित रहता है l
  122. रक्त का थक्का जमने कल लिये आवश्यक विटामिन नेफ्थोक्विनोन (विटामिन K ) है l
  123. आमाशय में आक्सिंटिक कोशिकाओं से हाईड्रोक्लोरिक अम्ल का स्राव होता है l
  124. पाचन तंत्र के पित रस में कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है l
  125. आमाश्य की दीवारों का पेशीय संकुचन पेरिस्टाल्सिस कहलाता है l
  126. भूख तथा तृप्ति हाइपोथैल्मस के द्वारा नियंत्रित होता है l
  127. स्वस्थ मनुष्य में लगभग5 से 2.0 लीटर आंतरिक रस का स्राव होता है l
  128. अग्न्याश्य द्वारा ट्रिप्सनोजन एंज़ाइन का स्रावण होता है l
  129. इंसुलिन के अधिक स्रावण होने से हाइपोग्लाइसिमिया नमक रोग हो जाता है l
  130. जठर रस (आमाशय) पाइलोरिक ग्रंथियों से स्रावित होता है l
  131. वसीय अम्ल तथा ग्लिसरॉल का अवशोषण लसीका कोशिका द्वारा होता है l
  132. एंड्रोगैस्ट्रोन आमाश्यी स्रावण का अवरोधन करने वाला पदार्थ है l
  133. लार का स्राव तंत्रिकीय नियंत्रण में होता है l
  134. जठरीय एवं अग्न्याशय स्राव रासायनिक एवं तंत्रिकीय उददीपन के द्वारा होता है l
  135. ह्रदय गति को नियंत्रित करने में CO2 रासायनिक पदार्थ की भूमिका होती है l
  136. रुधिर को वाहिनियों में जमने से हिपैरिन रोकता है l
  137. मानव शरीर में सबसे मजबूत पेशियाँ जबड़े की होती है l
  138. अकशेरुकी जंतुओं में खुला परिसंचरण तंत्र पाया जाता है l
  139. ह्रदय की धड़कन (Heart Beat ) संकुचन एवं शिथिलन है l
  140. मस्तिष्क एक्टोड़र्मी होता है l
  141. R . B . C . की संख्या हीमोसाइटोमीटर यंत्र से ज्ञात की जाती है l
  142. ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन अण्डोतसर्ग के लिये उतरदायी है l
  143. ह्रदय को रक्त पहुंचने का कार्य कोरोनरी धमनी करती है l
  144. ह्रदय धड़कन के नियंत्रण में थायरॉक्सिन एवं एड्रीनेलिन हार्मोन की भूमिका होता है l
  145. श्वसन केंद्र मेडुला में स्थित होता है l
  146. लसिका घाव भरने में सहायता करती है l
  147. ह्रदय के विद्युत रासायनिक आवेग को इलेक्ट्रो – कार्डियोग्राम द्वारा मापा जाता है l
  148. रक्त दाब स्फिग्नोमेनोमीटर नामक उपकरण से मापा जाता है l
  149. दाद रोग ट्राइकोफाइटान नामक कवक के कारण फैलता है I
  150. मायोपिया, नेत्र का दोष है I
  151. फीताकृमि का संक्रमण सूअर का अधपका माँस खाने से होता है I
  152. गठिया रोग जोड़ों में यूरिक अम्ल के जमाव से होता है I
  153. बी.सी.जी.का अविष्कार यूरिन कालमेंट ने किया था I
  154. हाथी पाँव का कारक वऊचेरिया बैक्रोफ्टाई है I
  155. डेंगू ज्वर एडीज इजिप्टी नामक मच्छर से फैलता है I
  156. पोलियो का विषाणु मेरुरज्जु के पृष्ठ श्रृंगो के ऊतक को नष्ट करता है I
  157. हेपेटाइटिस के लिये गामा ग्लोबुलीन नामक इंजेक्शन लगाया जाता है I
  158. डायरिया पाचन तंत्र को प्रभावित करने वाला प्रोटोजोआ जन्य रोग है I
  159. स्लीपिंग सिकनेस सी-सी मक्खी द्वारा फैलता है I
  160. प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम मलेरिया परजीवी से होता है l
  161. मलेरिया परजीवी को खोज ए० लेबेरॉन ने की थी l
  162. फाइलेरिया में मनुष्य की लसिका ग्रंथि प्रभावित होती है l
  163. कुनैन नमक मलेरिया की दवा सिनकोना के पौधे से प्राप्त होती है l
  164. भारत में हेपेटाइटिस – बी रोगियों की संख्या अधिकतम है l
  165. एस्पिरिन तथा पेन्टाजोसिन नमक औषधियों विलो (Willow ) से प्राप्त की जाती है l
  166. कैंसर उपचार के लिये कोबाल्ट 60 रेडियोधर्मी तत्व का बहुतायत प्रयोग किया जाता है l
  167. कैंसर कोशिकाएं उत्तपन करने के लिये आन्कोजीन्स जिम्मेदार माना जाता है l
  168. रक्त कैंसर को ल्यूकीमिया कहा जाता है l
  169. इंसुलिन का स्त्रावण अग्न्याशय ग्रंथि से होता है l
  170. अस्थि तथा त्वचा कैंसर सार्कोमा समूह के प्रकार का कैंसर है l
  171. पेयजल में नाइट्रेट की अधिक मात्रा होने से ब्लू बेबी सिंड्रोम नामक रोग होता है l
  172. कुनैन दवा सिनकोना नामक वृक्ष की छाल से प्राप्त की जाती है l
  173. रोबर्ट कोच ने प्रमाणित किया की पशुओं में होने वाला एंथ्रेक्स रोग सक्ष्मजीवी जीवाणुओं द्वारा होता है l
  174. हिप्पोक्रेट्स को औषधि विज्ञान का पिता कहा जाता है l
  175. स्वाइन फ्लू नामक रोग फैलाने वाले वायरस का नाम इन्फ्लून्जा H1N1 है l
  176. लौहतत्व (आयरन) की कमी के कारण रक्ताल्पता (एनीमिया ) होता है l
  177. आयोडीन की कमी से गलघोंटू (ग्वायटर) बीमारी होती है l
  178. “इम्यूनोलॉजी’ के जनक एडवर्ड जेनर है l
  179. सूरजमुखी तेल ह्रदय रोगियों के लिये उपयुक्त होता है l
  180. ज्वर में रक्त कणिकाओं में सुजम आ जाती है l
  181. जापानी इंसेफेलाइटिस एक विषाणु जनित (Viral ) रोग है l
  182. एडवर्ड जेनर ने चेचक के टीके की खोज की l
  183. कैंसर कोशिकाओं के अनियंत्रित विभाजन के कारण होता है l
  184. हेपेटाइटिस , यकृत की बीमारी है , जो विषाणुओं द्वारा होती है l
  185. मानव शरीर को कार्बोहाइड्रेट चावल , मक्का , चीनी थता शकरकंद से प्राप्त होता है l
  186. भारत में राष्ट्रिय मलेरिया नियंत्रण योजना (NMCP ) का आरंभ 1953 में हुआ l
  187. इटाई-इटाई रोग का कारक कैडमियम है l
  188. MRI तकनीक में शरीर का विस्तृत प्रतिबिंब पाने के लिये चुम्बकीय क्षेत्र एवं रेडियो तरंगो का इस्तेमाल किया जाता है l
  189. पोलियो एक विषाणु जनित रोग है l
  190. रिफैम्पिसिन नामक दवा , टीबी रोग में प्रयुक्त होता है l
  191. किसी जीव के किसी लक्षण विशेष के परिवर्द्धन को जीन नियंत्रित करता है l
  192. वंशागति का भौतिक आधार क्रोमोसोम को खा जाता है l
  193. “Orgin of species ” नमक पुस्तक के लेखक चार्ल्स डार्विन हैं l
  194. प्राकृतिक वरण के सिद्धांत के प्रतिपादक चार्ल्स डार्विन हैं l
  195. श्लीडन तथा श्वेन ने कोशिका सिद्धांत के मत का प्रतिपादन किया था l
  196. वंशागति के क्रोमोसोम सिद्धांत का प्रतिपादन वाल्टर सटन ने किया था l
  197. लिंग – सहलग्नता की खोज H मार्गन ने की थी l
  198. संरचनात्मक जीन अवधारणा में प्रचालक , वर्द्धक एवं नियामक जीन होता हैं l
  199. मेंडल के नियम का अपवाद सहलग्नता है l
  200. हीमोफीलिया , सिकल सैल अनीमिया तथा थेलेसिमिया एक उत्परिवर्ती जीन के कारण होने वाली बीमारियाँ है l
  201. क्रोमोसोम की संरचना डी० एन० ए० एवं प्रोटीन से होती है l
  202. “एक जीन एक एंजाइम ” सिद्धांत के प्रतिपादक बीडिल एवं टैटम थे l
  203. NDRI करनाल (हरियाणा ) के वैज्ञानिकों के भैंस का दूसरा क्लोन विकसित किया है l
  204. शरीर रचना के क्रस्टेशियन्स वर्गीकरण में लॉबस्टर संबद्ध होता है l
  205. जैव विकास में उत्परिवर्तनों का महत्व आनुवंशिक विभिन्नताएँ है l
  206. अनुवांशिक एवं विकासीय परिवर्तनों की संभावना उन जीव – जातियों में अधिक होती है , जिनमें द्वि – विभाजन द्वारा प्रजनन होता है l
  207. जीन शब्द W . L  जोहैनसन बने ने दिया था l
  208. प्रोटीन अणुओं का अमीनों अम्ल कर्म जीन द्वारा नियंत्रित होता है l
  209. सर्वप्रथम कृत्रिम जीन का प्रयोगशाला में संश्लेषण डॉ० हरगोविंद खुराना ने किया था l
  210. ग्रेगर मेंडल ने आनुवंशिकता पर अध्ययन 19वीं शताब्दी में किया l
  211. चार्ल्स डार्विन की पुस्तक ऑन ओरिजिन ऑफ स्पीसीज 1859 ई० में प्रकाशित हुई थी l
  212. डार्विनवाद की सबसे बड़ी विभिन्ताओं की उत्पति एवं कारणों की व्यखिया का आभाव सबसे बड़ी कमी थी l
  213. जीवन संघर्ष में योग्यतम की उतरजीविता सिद्धांत चार्ल्स डार्विन एवं आल्फ्रेड रसेल वैलेस से संबंधित है l
  214. क्रोमोसोम कम्प्लेक्स में पाए जाने वाले अनुवांशिक पदार्थ को जीनोम कहते है l
  215. ऐनिलिडा तथा आर्थोपोडा संघ का संयोजक जंतु परिपेटस है l
  216. जैव विकास के कर्म में सरीसृप से उड़ने वाले प्रथम पक्षी आर्कियोप्टरिक्स का विकास जुरैसिक काल में हुआ था l
  217. मेंडल ने आनुवंशिकी संबंधी अपने प्रयोग मटर के पौधे (गार्डन पी) पर किये l
  218. ग्रेगर जॉन मेंडल को ” अनुवांशिकी का जनक ” खा जाता है l
  219. पटाऊ सिन्ड्रोम क्रोमोसोम संख्या – 13 की ट्राइसोमि (Trisomy ) के कारण होता है l
  220. वर्णाधता को लाल – हरा अंधापन भी खा जाता है l हिमोफिलया को रक्त स्रवण रोग भी कहा जाता है l


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  7. Crazy Gk Short Trick Hindi

Most Important Questions Hindi Notes

  1. आधुनिक रसायन विज्ञान का पिता सेवोसियर को कहा जाता है l
  2. विश्लेषिका रसायन में विभिन्न द्रव्यों का गुणात्मक तथा मात्रात्मक विश्लेषण किया जाता है l
  3. सबसे हल्का तत्व हाइड्रोजन है l
  4. शुद्ध वायु समांग मिश्रण का उदाहरण होती है l
  5. मिश्र धातुएँ समांगी मिश्रण होती हैं l
  6. वायु , गैस एवं जलवाष्प का मिश्रण है l
  7. एल्कोहल एवं जल का मिश्रण समांगी मिश्रण है l
  8. पेट्रोल एवं जल का मिश्रण विषमांगी मिश्रण है l
  9. तांबा प्रदूषण रहित तत्व हैं l
  10. कार्बन मुख्यतः एक मिश्रण है लोहा एवं कार्बन का l
  11. आसुत जल आसवन विधि द्वारा प्राप्त किया जाता है l
  12. निलंबन विषमांगी की तरह का मिश्रण है l
  13. कोलॉइड विषमांगी की तरह का मिश्रण है l
  14. द्रव की प्लाज्मा अवस्था विद्युत् की सुचालक होती है l
  15. आर्सेनिक एवं एंटिमनी उपधातु श्रेणी के तत्व हैं l
  16. ब्रोमीन कमरे के तप पर द्रव अवस्था में पाया जाता हैl
  17. आस्तु जल आसवन विधि से प्राप्त किया जाता है पीतल , तांबा एवं जस्ते का मिश्रण है l
  18. कोल्ड ड्रिंक में कार्बन डाईऑक्साइड गैस का जल में विलयन होता है l
  19. तांबा , शुद्ध पदार्थ है l
  20. आर्सेनिक में धातु एवं अधातु दोनों तरह के तत्व पाए जाते हैं l
  21. नील्स बोर के मॉडल को आधुनिक भौतिकी की आधारशिला कहा जाता है l
  22. परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान नाभिक में निहित होता है l
  23. नील्स बोर ने अपना परमाणु मॉडल 1913  ई० में प्रस्तुत किया l
  24. इलेक्ट्रॉन को नाभिक का चक्कर लगाने के लिये आवश्यक अभिकेंद्र बल इलेक्ट्रॉन एवं नाभिक के बीच कार्यकारी स्थिर वैद्युत आकर्षण बल से प्राप्त होता है l
  25. रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल परमाणु के स्थायित्व एवं रेखीय स्पेक्ट्रम की संतोषजनक व्याख्या नहीं प्रस्तुत क्र सका l
  26. बोर एवं बरी ने साथ मिलकर तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास की योजना प्रस्तुत की थी l
  27. हाइड्रोजन के सूक्ष्म स्पेक्ट्रम की व्याख्या सोमरफील्ड ने की l
  28. हाइजेनबर्ग की अनिश्चितता का सिद्धांत बड़े कानों पर लागु नहीं होता है क्योंकि बड़े कणों का द्रव्यमान अधिक होता है l
  29. परमाणु संरचना का आधुनिक विचार इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति पर आधारित है l
  30. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत बड़े कणों पर लागु नहीं होता है क्योंकि बड़े कणों का द्रव्यमान अधिक होता है l
  31. परमाणु संरचना का आधुनिक विचार इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति पर आधारित है l
  32. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत ‘संवेग तथा स्थिति में अनिश्चितता विद्यमान होती है l “
  33. परमाणु की संरचना का आधुनिक विचार श्रांडिगर  ने दिया l
  34. कक्षक के आकृति सबसे जटिल होती है l
  35. किसी कोष की कर्म संख्या (Order ) उस कोश में उपकोशों की संख्या व्यक्त करती है l
  36. P उपकोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या  6 हो सकती है l
  37. किसी परमाणु या आयन के चुंबकीय गुणों की व्याख्या चक्रण क्वांटम संख्या करता है l
  38. एक परमाणु में दो इलेक्ट्रॉनोंकी चारों संख्याएँ समान नहीं हो सकतीं I यह नियम ‘पाउली का अपवर्जन नियम है I’
  39. एक मोल इलेक्ट्रॉन का भर 0.55 मिग्रा. होता है I
  40. परमाणु की बाह्यतम कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रॉन संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं I
  41. इलेक्ट्रॉन की खोज जे.जे. थॉमसन ने की I
  42. इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु का 1/1837वें भाग के बराबर होता है I
  43. परमाणु के नाभिक की खोज रदरफोर्ड ने 1911 ई. में की थी I
  44. किसी तत्व के परमाण्विक भार को एटॉमिक मॉस यूनिट (a.m.u.)में व्यक्त किया जाता है  I
  45. न्यूट्रॉन एक वैद्युत उदासीन कण है I
  46. हाइड्रोजन ही एकमात्र ऐसा तत्व है ,जिसके सभी समस्थानिकों के नाम अलग -अलग होते हैं I
  47. पोलोनियम (Po) सर्वाधिक समस्थानिकों वाला तत्व है I
  48. जीवाश्मों, मृत पेड पौधे की आयु निर्धारण (कार्बन डेटिंग ) के लिए कार्बन के रेडियोसक्रिय` समस्थानिक का उपयोग किया जाता है I
  49. सबसे मजबूत बंध एकल बंध (Single bond) होता है I
  50. त्रिबंध से युक्त यौगिक सबसे क्रियाशील होते है I
  51. विद्युत संयोजी यौगिकों के बंध युक्त यौगिकों के क्वथनांक अधिक होते है I
  52. सोडियम क्लोराइड (NaCL)एवं कैल्शियम क्लोराइड में विद्युत् संयोजी बंध बनता है I
  53. अधिक इलेक्ट्रॉन बंधता वाला तत्व इलेक्ट्रॉन ग्राही प्रवृति का होता है I
  54. विद्युत संयोजक यौगिकों में अणु संरचना का अभाव पाया जाता है I
  55. कार्बनिक यौगिकों में सह-संयोजक बंध पाया जाता है I
  56. सह-संयोजक यौगिकों के अणु आपस में वांडरवाल्स बल से बंधे होते है I
  57. सह-संयोजी यौगिक अध्रुवीय तथा कार्बनिक विलायकों में आसानी से घुल जाते है
  58. ग्रेफाइट तत्व का अणु सह-संयोजक बंध होने के बावजूद विद्युत का सुचालक है I
  59. धात्विक ठोसों परमाणुओं के मध्य धात्विक बंध पाया जाता है I
  60. पुरानी पुस्तकों के पन्ने ऑक्सीकरण के कारण पीले पड़ जाते हैं I
  61. ऑक्साइड बनाने की क्रिया को ऑक्सीकरण कहते हैं  I
  62. द्रव्यमान संरक्षण का नियम सर्वप्रथम लोमोनोसॉफ ने प्रतिपादित किया I
  63. हवा में चांदी के बर्तनो का काला होना रासायनिक परिवर्तन है I
  64. दूध से दही का बनना रासायनिक परिवर्तन है I
  65. जल का वाष्प में परिवर्तन भौतिक परिवर्तन है I
  66. नोबल गैस समान गुणों वाइए रासायनिक तत्वों का एक समूह होता है I प्रमुख नोबल गैस हैं – हीलियम, नीऑन, आर्गन, क्रिप्टन, जौनॉन रेडॉनI
  67. एक जलती हुई माचिस की तीली जब हाइड्रोजन गैस के सम्पर्क में आती है तो वह बुझ जाती है एवं गैस ‘चाप’ ध्वनि के बाद जल जाती है I
  68. प्रकाश संश्लेषण तथा श्वसन भी रासायनिक परिवर्तन है I
  69. पानी का चीनी में घुलना भौतिक परिवर्तन का उद्दाहरण है I
  70. प्रिज्म से गुजरने पर श्वेत प्रकाश का सात रंगों में विभक्त होना भौतिक परिवर्तन है  I
  71. गलन, वाष्पन, संघनन, हिमायन, आसवन, ऊर्ध्वपातन आदि भौतिक परिवर्तन हैं I
  72. जल मैं विद्युत् प्रवाहित करने पर हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन प्राप्त होना रासायनिक परिवर्तन है l
  73. ऊष्माक्षेपी प्रतिक्रिया में ताप की उत्पति होती है l
  74. रासायनिक समीकरणों को द्रव्यमान संरक्षण के नियम द्वारा संतुलित किया जाता है l
  75. कच्चे फल का पकना रासायनिक परिवर्तन है l
  76. लोहे पर जंग लोहे का ऑक्सीकरण होने के कारण लगती है l
  77. सिरके का मुख्य घटक एसिटिक एसिड है l
  78. अम्लों एवं क्षारों की पहचान के लिये मुख्यतया लिटमस पेपर , फिनाफ्थेलिन और मेथिल ऑरेंज का प्रयोग किया जाता है l
  79. लिटमस लाइकेन से प्राप्त किया जाता है l
  80. अम्ल वर्षा मुख्यतया SO2 , NO2 आदि के कारण होता है l
  81. चाय में टेनिक अम्ल पाया जाता है l
  82. सिरके में एसिटिक अम्ल पाया जाता है l
  83. घरों में सिरका स्टार्च के किण्वन से बनता है l
  84. अम्लों के अम्लीय गुणों हेतु उत्तरदायी अम्लों के जलीय विलय में मुक्त हाइड्रोजन   (H+) आयन होता है l
  85. अम्लों एवं क्षारों की आधुनिक संकल्पना लॉरी एवं ब्रॉन्स्टेड ने 1923 ई० में दी l
  86. जल में कार्बन डाईऑक्साइड (CO2 ) प्रवाहित करने पर बना सोडा वाटर अम्लीय प्रकृति का होता है l
  87. दूध में लैक्टिक अम्ल पाया जाता है l
  88. अचार के परिरक्षण हेतु उसमें एसिटिक एसिड मिलाया जाता है l
  89. सेब में मैलिक अम्ल पाया जाता है l
  90. फोटोग्राफी में ऑक्जैलिक अम्ल प्रयुक्त होता है l
  91. इमली में टार्टरिक अम्ल पाया जाता है l
  92. चाय में टेनिक अम्ल पाया जाता है l
  93. खाद्य पदार्थों के संरक्षण में बेन्जोइक अम्ल का उपयोग किया जाता है l
  94. जल की कठोरता सोडियम कार्बोनेट एवं कैल्शियम हाइड्रोक्साइड द्वारा दूर की जाती है l
  95. मक्खन में ब्यूटाईरिक अम्ल पाया जाता है l
  96. फार्मिक अम्ल एवं एसिटिक अम्ल दोनों ही कार्बनिक एवं दुर्बल अम्ल हैं l
  97. शीतल पेयों एवं एसिटिक अम्ल दोनों ही कार्बनिक एवं दुर्बल अम्ल हैं l
  98. बेकिंग पाउडर निर्माण में पर्युक्त अम्ल टार्टरिक अम्ल है l
  99. चीटियों में फार्मिक अम्ल पाया जाता है l
  100. लंबे समय तक कठोर शारीरिक श्रम के पश्चात मांसपेशियों में थकान पेशियों में लैक्टिक अम्ल के कारण होता है l
  101. कोकाकोला का खट्टा स्वाद फास्फोरिक अम्ल के कारण होता है l
  102. कपडे के स्याही एवं जंग के दाग धब्बे छुड़ाने हेतु आक्जैलिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है l
  103. नींबू का खट्टापन इसमें उपस्थित सिट्रिक अम्ल के कारण होता हैं l
  104. घी की प्रकृति अम्लीय होती है जिसका pH  मान लगभग 6.5 होता है l
  105. वर्षा जल का pH मान 5.4  या कम होने को अम्ल वर्षा की संज्ञा देते है l
  106. जठर रस में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पाया जाता है l
  107. पौधों की अच्छी वृद्धि के लिये मृदा का pH मान 7  के आस – पास होना चाहिये l
  108. मृदा का pH  मान 8 से अधिक होना क्षारीय मृदा कहलाता है l
  109. pH मूल्य किसी घोल के अम्लीय या क्षारीय होने का मूल्यांकन दर्शाता है l
  110. फलों के रास के परिरक्षण के लिये सोडियम बेंजोइक का उपयोग किया जाता है l
  111. सोडियम बाई कार्बोनेट का वाणिज्यिक नाम बेकिंग सोडा है l
  112. मानव शरीर सामान्यतः 7  से 7.8 pH मान के बीच कार्य करता है l
  113. रक्त में उपस्थित फॉस्फोरस हमारे  शरीर में अम्लीयता एवं क्षारीयता जे बीच संतुलन बनाए रखता है l
  114. सातवां आवर्त अभी भी अपूर्ण है l
  115. डी ब्लॉक के कुछ तत्व ऑफबाऊ के नियम का पालन नहीं करते हैं l
  116. शीतलीकरण में नाइट्रोजन तत्व का ऑक्साइड होता होता है l
  117. आधुनिक आवर्त सरणी का आधार परमाणु क्रमांक है l
  118. पकृति में उपलब्ध अंतिम तत्व यूरेनियम  है l
  119. तत्वों का एक्टिनाइट समूह रेडियो सक्रिय समूह कहलाता है l
  120. यूनूनोक्तियम (Uo ) खोजा गया नया तत्व है l
  121. जिंक धातु एसिड एवं एल्कली के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन निकलती है l
  122. जर्मन सिल्वर में चांदी की मात्रा नहीं होती है l
  123. पारा धातु सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में रहता है l
  124. स्टील मुख्यतः लोहा एवं कार्बन का मिश्रण है l
  125. बोक्साइड एल्युमीनियम धातु का अयस्क है l
  126. एंटिमनी स्टीबनाईट तत्व का अयस्क है l
  127. लोहे में जंग लगने से उसके भार में वृद्धि हो जाती है l
  128. प्लेटिनम कठोरतम धातुओं में से एक है l
  129. तांबा एक ऐसा धातु है जो पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करता l
  130. श्वेत फॉस्फोरस को पानी में रखा जाता है क्योंकि ये हवा की ऑक्सीजन से क्रिया कर जल उठता है परन्तु जल से कोई प्रतिक्रिया नहीं करता l
  131. जीवों में नाइट्रोजन प्रोटीन के रूप में पाया जाता है l
  132. सर्वधिक कठोर तत्व हिरा है l
  133. पोटैशियम ब्रोमाइट का प्रयोग नींद लेन वाली दवा के रूप में होता है l
  134. एक से अधिक धातुओं तथा अधातुओं के समांगी मिश्रण को मिश्र धातु कहते है l
  135. मिश्र धातुओं के गुण अवयवी धातुओं के गुणों से भिन्न होते है l
  136. बेंजीन अरोमैटिक प्रकार के योगिक हैं l
  137. प्रथम संश्लेषित कार्बनिक यौगिक का प्रियोगशाला में निर्माण व्होलर नई किया था l
  138. किसी कार्बनिक यौगिक के मुख्य गुण यौगिक के क्रियात्मक समूह पर निर्भर करता है l
  139. एथेन खुली श्रृंखला का यौगिक है l
  140. न चिपकने वाले खाना पकने वाले बर्तनों में टेफ्लॉन का लेप चढ़ा होता है l
  141. पॉलीथिन एथिलीन के बहुलीकरण द्वारा संश्लेषित किया जाता है l
  142. रेयॉन सेलुलोज से बनाया जाता है l
  143. थायोकाल रबर एक प्रकार की संश्लिष्ट रबर है l
  144. न्यूनतम ज्वलनशील रेशा टेरेलीन है l
  145. बकेलाइट एवं फिनॉल फर्मेल्डिहाइट के सहबहुलक हैं l
  146. निप्रोप्रीन संश्लेषित रबर है l
  147. रबर को वल्कनीकृत करने के लिये प्रयुक्त तत्व सल्फर है l
  148. कागज पौधों के सलूलोज से बनाया जाता है l
  149. प्राकृतिक रबर आइसोप्रीन का बहुलक है जो कि रबर के वृक्ष से लेटैक्स के रूप में प्राप्त होता है l
  150. CFC एक ‘ हरित गृह गैस ‘ है , जो ओजोन (O3 ) क्षरण के लिये जिम्मेदार है l
  151. मीथेन को ‘मार्श’ गैस के नाम से भी जाना जाता है l
  152. इथाइलीन रंगहीन गैस है इसे सूंघने से बेहोशी आ जाती है l
  153. औद्योगिक स्तर पर एथाइलिन का निर्माण , पेट्रोलियम के भंजन द्वारा किया जाता है l
  154. एसिटिलीन रंगहीन गैस है , कुछ अशुद्धियों के कारण इसमें लहसुन जैसी गंध होती है l
  155. भीड़ को तीतर -बितर करने के लिये अश्रु गैस का उपयोग होता है l
  156. मिथाइल एल्कोहल रंगहीन , ज्वनशील द्रव होता है जो अत्यधिक विषैला होता है l
  157. इथाइल एल्कोहल को ‘ स्पिरिट ऑफ वाइन’ भी कहा जाता है l
  158. डाई इथाइल ईथर रंगहीन , अतीवाष्पशील द्रव होता है , जिसे त्वचा में डालने से ठंडा अनुभव होता है l
  159. प्लास्टिक कृत्रिम रेशे , खाद्य परिरक्षक , स्नेहक , रेजिन , एंटीफ्रीज आदि बनाने में गिलसरोल का उपयोग किया जाता है l
  160. एसिटिक अम्ल , सिरके का प्रमुख अवयव होता है l
  161. लैक्टिक अम्ल सभी प्रकार के दुग्ध में पाया जाता है l
  162. फॉर्मिक अम्ल या मेथेनोइक अम्ल लाल चीटियों , बिच्छू तथा मधुमक्खी आदि के डंक में पाया जाता है l
  163. मानव मूत्र में यूरिया पाया जाता है l
  164. कैल्शियम ऑक्ज्लेट की मात्रा अधिक हो जाने पर मानव गुर्दे में पथरी पड़ जाती है l
  165. संश्लेषित रबड़ , क्लोरोप्रीन अथवा आइसोब्यूटाइलिन का बहुलक होती है l
  166. नायलॉन मानव द्वारा संश्लेषित किया गया प्रथम रेशा है l
  167. सोडियम बेन्जोएट का सर्वाधिक उपयोग खाघ परिरक्षक के रूप में होता है l
  168. अपमार्जक कठोर जल के साथ कैल्शियम एवं मैग्नीशियम के घुलनशील लवण बनाते है l
  169. कैनोलो, जेट्रोफा, सैलिफॉर्निया आदि पौधों से हरित डीज़ल प्राप्त किया जाता है l
  170. गैसेहॉल में 90 % सीसा रहित पेट्रोल तथा 10 % एल्कोहल का मिश्रण होता है l
  171. निकिल उत्प्रेरक की उपस्थिति में तेलों के हाइड्रोजनीकरण द्वारा खाघ वनस्पति तेल, वनस्पति घी में बदल दिये जाते है l
  172. ग्रेफाइट एक स्नेह (लुब्रिकेंट) के रूप में भी प्रयोग किया जाता है l
  173. यूरेनियम जीवाश्म ईंधन नहीं है l
  174. सभी जैव यौगिक का अनिवार्य मूल तत्व कार्बन है l
  175. बुलेटप्रूफ पदार्थ बनाने के लिये पोलिऐमाइड नामक बहुलक प्रयुक्त होता है l

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