{अरिहंत सामान्य हिंदी} Important Book PDF Notes Download करे

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{अरिहंत सामान्य हिंदी} Important Book PDF

{अरिहंत सामान्य हिंदी} Important Book PDF Notes Download करे दोस्तों आज GOVTJOBPDF आप सब छात्रों के लिए सामान्य हिंदी से जुड़ी बहुत महत्वपूर्ण पुस्तक “अरिहंत सामान्य हिंदी PDF नोट्स” शेयर करा रहा है. जो छात्र UPSC/IAS, UGC, PCS, RAS, B. Ed, PGT, TGT, KVS / NVS, UDA / LDA, SSC, Grameen Bank, Railways, सब Inspector, Constable तथा अन्य Competitive Exams की तोयारी कर रहे है, उन छात्रों के लिए ये ‘अरिहंत सामान्य हिंदी PDF नोट्स काफी लाभदायक है. इस Book को Arihant’s Publication ने सम्पादित किया है तथा इसके लेखक श्री ओंकार नाथ वर्मा है. आपको इस सामान्य हिंदी PDF को Download करके अवश्य पढना चाहिए.



आपको इस सामान्य हिंदी} Important Book PDF Notes Download  में बहुत सारी महत्वपूर्ण जानकारिया पढने को मिलेंगे जैसी हिन्दी भाषा का इतिहास एवं मुख्य तथ्य, वर्ण, उच्चारण एवं वर्तनी, शब्द भेद, पर्यायवाची शब्द, विलोमार्थक शब्द, अनेकार्थक शब्द, समोच्चारित भिन्नार्थक शब्द, वाक्यांशों के लिये एक शब्द, हिन्दी व्याकरण, शब्द रचना, वाक्य, वाक्यगत अशुद्धियाँ और उनका शोधन, रिक्त स्थानों की पूर्ति, क्रम व्यवस्थापन, विराम चिन्ह, मुहावरे और कहावतें, रस,छंद और अलंकार, पत्र लेखन, सरकारी कार्यालयों के पत्र और आलेखन, निबंध लेखन, मानक वाक्यांश, अभिव्यक्तियाँ एवं पारिभाषिक शब्दावली, अपठित लेखांश तथा हिन्दी साहित्य के स्मरणीय तथ्य इत्यादि.

आप इस {अरिहंत सामान्य हिंदी} Important Book PDF Notes Download नोट्स को नीचे दिए हुए Download Link के माध्यम से PDF Download भी कर सकते है. {अरिहंत सामान्य हिंदी} Important Book PDF Notes Download करने के लिये Download Button Press करे.

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प्रश्न . अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं?
उत्तर- जिस क्रिया का फल कर्म पर नहीं, वरन् कर्ता पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं। इसमें कर्म की आवश्यकता नहीं होती। जैसे- मोर नाचता है।

प्रश्न . सकर्मक क्रिया का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।
उत्तर- जिस क्रिया का फल कर्म पड़ता है, तथा उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं। इसमें कर्म की अनिवार्यता होती है। जैसे- रेखा ने फल खरीदे।

प्रश्न . अकर्मक क्रिया कितने प्रकार की होती है?
उत्तर- अकर्मक क्रिया दो प्रकार की होती है – (1) पूर्ण अकर्मक क्रिया, (2) अपूर्ण अकर्मक क्रिया।

प्रश्न सकर्मक क्रिया कितने प्रकार की होती है?
उत्तर- सकर्मक क्रिया तीन प्रकार की होती है

(1) पूर्व एककर्मक क्रिया, (2) पूर्णद्विकर्मक क्रिया तथा (3) अपूर्ण सकर्मक क्रिया।

प्रश्न . समापिका क्रिया की परिभाषा कीजिए ।
उत्तर- जो क्रियाएं वाक्य के अन्त में रहकर वाक्य को समाप्त करती हैं, वे समापिक क्रियाएं कहलाती हैं। जैसे- मैं पढँगा। हिमालय की बर्फ पिघल रही है।

प्रश्न . असमापिका क्रिया किसे कहते हैं?
उत्तर- उन क्रियाओं को असमापिका क्रियाएँ कहते हैं जो वाक्य में अन्तः में प्रयुक्त न होकर कहीं अन्यत्र प्रयुक्त होती हैं। जैसे- वह खेलते हुए गिर गया।

प्रश्न . वाच्य किसे कहते हैं?
उत्तर- क्रिया के जिस रूप से उसके विषय का ज्ञान है, उसे वाच्य कहते हैं। यथा- राम लिख रहा है । इसमें लिखने का कार्य राम कर रहा है, अतः इसलिए यह वाक्य कर्तृवाच्य का उदाहरण है।

प्रश्न . वाच्य के कितने भेद होते हैं?
उत्तर- वाच्य के निम्न तीन भेद होते हैं (1) कर्तृवाच्य, (2) कर्मवाच्य तथा (3) भाव वाच्य।

प्रश्न . कर्तृवाच्य किसे कहते हैं?
उत्तर- जिस वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्ता होता है, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। इसमें कथन का केन्द्र कर्ता होता है। यथा- सुधीर पढ़ता है। इसमें सुधीर (कर्ता) कथन का केन्द्र है।

प्रश्न कर्मवाच्य किसे कहते हैं?
उत्तर- जिस वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्म होता है, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। जैसे- मोहन ने पुस्तक पढ़ी थी। इसमें पुस्तक क्रिया का मुख्य विषय है।

प्रश्न . भाववाच्य किसे कहते हैं?
उत्तर- वह वाक्य जिसमें क्रिया का मुख्य विषय कर्ता व कर्म न होकर भाव होता है, उसे भाव वाच्य कहते हैं। यथा- अब मुझसे सहा नहीं जाता। इसे क्रिया का केन्द्र भाव है।

प्रश्न . ‘अव्यय’ की परिभाषा दीजिए।
उत्तर- जिन शब्दों के स्वरूप में लिंग, वचन पुरुष या काल के कारण कोई बदलाव नहीं आता, उन्हें ‘अव्यय कहते हैं। इन्हें अविकारी शब्द भी कहा जाता है।

प्रश्न . अव्यय के कितने प्रकार होते हैं?
उत्तर- अव्यय के निम्न पाँच प्रकार होते हैं (1) क्रिया-विशेषण, (2) सम्बन्ध बोधक, (3) समुच्चय बोधक, (4) विस्मयदि बोधक एवं (5) निपात। प्रश्न

प्रश्न . क्रिया-विशेषण किसे कहते हैं?
उत्तर- जो अविकारी शब्द क्रिया की विशेषणा बताते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं। जैसे-धीरे- जल्दी, यहाँ आदि।

प्रश्न . सम्बंध बोधक अव्यय किसे कहते हैं?
उत्तर- वे अव्यय जो संज्ञा या सर्वनाम के साथ जुड़कर उनका सम्बन्ध वाक्य के दूसरे शब्दों से स्थापित करते हैं, उन्हें सम्बन्ध बोधक अव्यय कहते हैं। यथा- मेरे घर के आगे एक अस्पताल है । इसमें ‘आगे’ सम्बन्धबोधक अव्यय है।

प्रश्न . समुच्चय बोधक अव्यय से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- समुच्चयबोधक अव्यय का तात्पर्य उन शब्दों से है जो दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को परस्पर मिलाते हैं। इन्हें योजक भी कहा जाता है। जैसे- और, एवं, तथा आदि।

प्रश्न. विस्मयादिबोधक अव्यय किसे कहते हैं?
उत्तर- विस्मयादिबोधक अव्यय उन शब्दों को कहते हैं जो विस्मय, हर्ष, शोक, घृणा तथा उत्साह आदि मनोभावों को व्यक्त करते हैं। जैसे- अहा, शाबास, हाय, उफ, अरे आदि।

प्रश्न . ‘निपत’ किसे कहते हैं?
उत्तर- जो अव्यय किसी शब्द या पद के साथ जुड़कर उससे अर्थ में एक विशेष प्रकार का बल प्रदान करते हैं, उन्हें निपात कहते हैं। यथा- क्या, काश, सिर्फ आदि।

प्रश्न . निपात का प्रयोग किन कार्यों में किया जाता है?

उत्तर- निपात का प्रयोग निम्न कार्यों में किया जाता है (1) प्रश्न करने में, (2) अस्वीकृति प्रकट करने में, ( 3 ) किसी शब्द पर बल देने के लिए तथा (4) विस्मय प्रकट करने हेतु ।

प्रश्न . हिन्दी व्याकरण के आधार पर किसी पदों के नाम बताइए

उत्तर- हिन्दी व्याकरण के आधार पर किसी वाक्य में चार प्रकार के विकारी पदों का प्रयोग किया जाता है। इनके नाम है- संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया व विशेषण।

प्रश्न . वाक्य की परिभाषा दीजिए एवं उसके भेदों के नामोल्लेख कीजिए।
उत्तर- भाषा की वह लघुतम इकाई जो किसी भाव या विचार को पूर्णतः व्यक्त कर सकती है, वाक्य कहलाती है।

अर्थ की दृष्टि से वाक्य के निम्न आठ भेद बताए गए हैं कथनात्मक, नकारात्मक, आज्ञार्थक, प्रश्नवाचक, इच्छावाचक संदेहवाचक, विस्मयदिबोधक तथा संकेतवाचक इसी प्रकार रचना की दृष्टि से वाक्य के तीन भेद हैं- सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य तथा मिश्र वाक्य।

प्रश्न. वाक्य-विश्लेषण से क्या आशय है?
उत्तर- वाक्य-विश्लेषण का आशय है- वाक्य के विभिन्न अंगों का यथासम्भव विभाजन करके उनके पारस्परिक सम्बन्धों का विवेचन करना । इसे वाक्य विग्रह भी कहा जाता है।

प्रश्न . विराह चिन्ह क्या है? प्रमुख विराम चिन्हों के नाम लिखिए।

उत्तर- लिखित भाषा में भावानुरूप अर्थ- अभिव्यक्ति हेतु प्रयोग किए जाने वाले विशिष्ट चिन्हों को ही विराम चिन्ह कहते हैं।

प्रमुख विराम चिन्हों के नाम हैं- पूर्ण विराम, प्रश्नसूचक चिन्ह, विस्मयबोधक चिन्ह, अल्पविराम एवं अर्द्धविराम। प्रश्न

प्रश्न . सरल वाक्य से क्या तात्पर्य है?
उत्तर- इसका तात्पर्य उस वाक्य से हैं जिसमें केवल एक ही मुख्य क्रिया होती है। इसमें कर्त्ता (उद्देश्य ) एक से अधिक भी हो सकते हैं। उदाहरण- रेखा खाना खा रही है। यहाँ एक उद्देश्य व एक विधेय है । जबकि रेखा और मीरा खाना खा रही है वाक्य में दो उद्देश्य व दो विधेय हैं।

प्रश्न . संयुक्त वाक्य किसे कहते हैं?
उत्तर- जब दो या दो से अधिक उपवाक्य किसी समुच्चयबोधक (योजक) अव्यय से जुड़े होते हैं तो उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं। जैसे-मैं पढ़ रहा हूँ और तुम लिख रहे हो।

प्रश्न . मिश्र वाक्य किसे कहते हैं?
उत्तर- जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य और उस पर आश्रित एक या अनेक गौण उपवाक्य हो तो उसे मिश्र वाक्य कहते हैं। उदाहरण- कुसुम ने कहा कि वह कल भोपाल जाएगी।

प्रश्न . ‘संज्ञा- उपवाक्य’ किसे कहते हैं?
उत्तर- जो प्रधान उपवाक्य, वाक्य की किसी संज्ञा अथवा संज्ञा- पदबंध के स्थान पर प्रयुक्त हुआ हो, उसे संज्ञा उपवाक्य कहते हैं। उदाहरण- माता की इच्छा है कि बेटी डाक्टर बने। इसमें बेटी डाक्टर बने संज्ञा उपवाक्य है।

प्रश्न . ‘विशेषण-उपवाक्य’ किसे कहते हैं?
उत्तर- जो आश्रित उपवाक्य, प्रधान उपवाक्य का किसी संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे विशेषण उपवाक्य कहते हैं । जैसे- यह वही लड़का है जिसने कल चोरी की थी। इसमें जिसने कल चोरी की थी विशेषण-उपवाक्य है।

प्रश्न . ‘ क्रिया- विशेषण उपवाक्य’ किसे कहते हैं?
उत्तर- जिस आश्रित उपवाक्य का प्रयोग क्रियाविशेषण की भाँति किया जाता है, अर्थात् जो आश्रित उपवाक्य, प्रधान उपवाक्यट की क्रिया की विशेषता बताता है, उसे क्रिया विशेषण उपवाक्य कहते

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